अगर कल तुम मिलो कहीं
सुनो, अगर तुम मुझसे कल मिलो कहीं
मुझसे नज़रें न चुरा लेना
मुझे देख के अपना चेहरा न घुमा देना
हो सकता है मुझे देख
कुछ बीती बातें याद आएं
कुछ बीते लम्हे याद आएं
तेरी आँखों में कल की तरह
कुछ आंसू फिर से आ जाएं
हो सकता है ऐसा भी हो
मुझे देख तुम अज़नबी बन जाओ
बीती बातें भूल जाओ
और नए नए नगमें गाओ
होने को कुछ भी हो सकता है
यही जीवन की सुंदरता है
कल मिला था मैं जब तुम्हें
तो बात कुछ और थी
आज मिला है कोई
तो भी बात कुछ और है
मिलना-बिछड़ना ही तो
जीवन का दौर है
एक कहानी खत्म हुई
तो दूजी कहानी शुरू हुई
तेरे आंगन में उदय हुआ
तेरे आंगन में ढलना था
शायद तुमको कोई
मुझसे बेहतर मिलना था
मैं भी एक पल का किस्सा था
तेरे जीवन का हिस्सा था
कल तक मैं सबकुछ कहलाता था
ये सुनकर मैं इतराता था
पर होनी को कुछ और होना था
मुझे तुझको खोना था
तुझको मुझको जीवन अमृत
अब अलग-अलग ही पीना है
इसकी धड़कन में बसना है
इनकी सांसों में जीना है
तू अपनी अदाएं बख्श इसे
मैं अपनी दुआएं देता हूँ
कल तक सोची थी जो अपने लिए
वो सारी उम्मीदें देता हूँ
मेरे साथ न सही
तुम जिसके भी साथ रहो
अपनी मौजों में बहती रहो
अपने सपनों को जीती रहो
कुछ किस्से नही कहे जाते
उनको कहानी बन जाना है
तुमको कहीं खो जाना है
मुझको कहीं खो जाना है
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