वो शाम और तुम
अचानक एक जोर सी आवाज आई थी..बाहर निकल के आया तो पाया कि पास वाले ओवरब्रिज पर हादसा हो गया एक गाड़ी बुरी तरह से लड़ गई थी...गाड़ी में एक नई नवेलीदुल्हन और दूल्हा थे दुल्हन विदा हो कर आ रही थी...उसका शादी का जोड़ा चमचमा रहा था...हाथों में चूड़ा लटक रहा था और वो बदहवास सी सड़क पर पड़ी थी....लोगों ने उसे किनारे लिटा दिया था...कुछ लोग उसके चारों तरफ भीड़ लगाए उसको देखे जा रहे थे.... वहीं कुछ लोग दूल्हे के शव के पास खड़े थे...चारों तरफ चीखने चिल्लानेकी आवाज आ रही थी...जब तक मैं वहां पहुंचा मुझे किसी ने बताया कि दूल्हे की मौत हो चुकी है..शेरवानी में सजा एक नवयुवक जो अपनी दुल्हन को विदा करा कर अपने घर ले जा रहा था अब बिल्कुल निश्चित शांत पड़ा हुआ था...उसके चेहरे से ऐसा लग रहा था कि वो गहरी नींद में सो रहा था....दुनिया से बेखबर...उसके चेहरेपर हल्की ट्रिम करी दाढ़ी बहुत अच्छी लग रही थी... मैं जब उसके पास से हट कर दुल्हन के बीच पंहुचा तो दुल्हन को होश आ चुका था......
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